Nagpur News of Cartoonist and Editor Combination.

नागपुर संस्मरण-1 संपादक और कार्टूनिस्ट की जोड़ी को कार्टून वाॅच का सलाम !! हाल ही में नागपुर जाना हुआ. दैनिक भास्कर में कार्टूनिस्ट विनय चानेकर ने अपने संपादक श्री मणिकांत सोनी से मेरा परिचय कराया. सामान्य औपचारिकताओं के बाद मेरी नजर उनके डिस्प्ले बोर्ड पर गई जिसमें दैनिक भास्कर का पहला पन्ना जो पूरी तरह से कार्टूनमय था लगा हुआ था. मुझे बड़ी खुशी हुई कि आज के दौर में जब प्रथम पृष्ठ को विज्ञापन के जैकेटों ने अपहृत कर लिया है ऐसे में पूरे पहले पन्ने पर सिर्फ कार्टून ? मैंने श्री सोनी जी को उनके इस साहसिक निर्णय के लिये साधुवाद दिया. वे कार्टूनिस्ट चानेकर जी की तारीफ कर रहे थे और चानेकर जी उनकी. आज के दौर में कार्टून को यही जुगलबंदी बचा सकती है. संपादक और कार्टूनिस्ट की जुगलबंदी. बीते कुछ बरसों में संपादकों ने कार्टूनिस्ट के पेशे पर ही अपनी कैंची चला दी थी और उसका हश्र देखिये कि आज संपादक नाम की संस्था भी अपना अस्तित्व बचाने को संघर्ष कर रही है. इस चर्चा के बाद मणिकांत जी ने कहा कि उन्होंने कार्टून के साथ अखबार में बहुतेरे प्रयोग किये और उन सबके अंक उनके पास रखे हुये थे. वे जिस उत्साह से उन्हें मुझे दिखा रहे थे, यह देखना अप्रतिम था. मैंने कहा कि मुझे आप दोनों की एक तस्वीर इस अंक के साथ चाहिये तो उन्होंने मुझे भी तस्वीर में शामिल कर लिया. संपादक यदि रचनात्मक और नये प्रयोग करने वाला हो तो अखबार में हमेशा एक ताजगी होती है और वह संपादक के साथ साथ कार्टूनिस्ट के चहेरे पर भी परिलक्षित होती है. संपादक -कार्टूनिस्ट की इस जोड़ी को कार्टून वाॅच का सलाम !!




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